1. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने VB-G RAM G योजना के तहत त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण नियम 2026 किए अधिसूचित
ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने ग्राम पंचायत स्तर पर परिसंपत्ति प्रबंधन और ग्रामीण योजनाओं की शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए नए वैधानिक नियमों को अधिसूचित किया है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर त्रि-स्तरीय डिजिटल शिकायत तंत्र स्थापित किया गया है। नियमों के तहत 7 कार्य दिवसों में प्रारंभिक जांच और अधिकतम 15 दिनों के भीतर अंतिम समाधान अनिवार्य किया गया है, जिससे ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
🎯 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु (Prelims Facts):
- संवैधानिक प्रावधान: 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में भाग IX और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई जिसमें पंचायतों के लिए 29 विषय शामिल हैं।
- ग्राम सभा: अनुच्छेद 243A के तहत स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है।
2. परीक्षा सुधारों पर नंदन नीलेकणी टास्क फोर्स: 2027 से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर-आधारित (CBT) मोड में कराने की सिफारिश
राष्ट्रीय परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक की रोकथाम के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में सिफारिश की है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को 2027 से पेन-पेपर ओएमआर मोड से बदलकर कई सत्रों में कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित किया जाना चाहिए।
🎯 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु (Prelims Facts):
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA): नवंबर 2017 में स्थापित एक स्वायत्त संस्था जो सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत है।
3. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में CSIR प्रमाणित 'ग्रीन पटाखों' के उपयोग की दी सशर्त अनुमति
उच्चतम न्यायालय की पीठ ने दिल्ली-एनसीआर में त्योहारों के दौरान केवल CSIR-NEERI द्वारा प्रमाणित 'ग्रीन क्रैकर्स' (हरित पटाखे) के निर्माण और नियंत्रित उपयोग की अनुमति प्रदान की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बेरियम लवण और विषाक्त रसायनों पर प्रतिबंध जारी रहेगा और केवल 30% कम उत्सर्जन वाले प्रमाणित पटाखे ही बेचे जा सकेंगे।
🎯 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु (Prelims Facts):
- ग्रीन पटाखे: CSIR-राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI), नागपुर द्वारा विकसित; इन्हें SWAS, STAR और SAFAL श्रेणियों में बांटा गया है।
4. वैज्ञानिकों ने सहारा रेगिस्तान में 4.1 अरब वर्ष पुराने मंगल उल्कापिंड 'Teghaza 001' की पुष्टि की
अंतरराष्ट्रीय भू-रसायनविदों ने पुष्टि की है कि सहारा रेगिस्तान में खोजा गया गुलाबी रंग का उल्कापिंड 'Teghaza 001' पृथ्वी पर मिले सबसे पुराने मंगल उल्कापिंडों में से एक है। इसकी आयु 4.1 अरब वर्ष से अधिक आंकी गई है और इसमें मौजूद खनिजों से सिद्ध होता है कि मंगल के प्रारंभिक इतिहास में वहां तरल पानी बहता था।
🎯 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु (Prelims Facts):
- मंगल उल्कापिंड: वैज्ञानिक रूप से इन्हें मुख्य रूप से SNC उल्कापिंड (शर्गोटाइट, नाखलाइट और चासिग्नाइट) समूह में वर्गीकृत किया जाता है।
📝 दैनिक करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी (MCQ Challenge)
प्र. भारत में पर्यावरण के अनुकूल 'ग्रीन पटाखों' (SWAS, STAR, SAFAL) का फॉर्मूला किस शीर्ष संस्थान द्वारा विकसित किया गया है?
A) इसरो (ISRO)
B) डीआरडीओ (DRDO)
C) सीएसआईआर-नीरी (CSIR-NEERI)
D) आईआईटी दिल्ली
उत्तर और व्याख्या देखने के लिए क्लिक करें
सही उत्तर: C) सीएसआईआर-नीरी (CSIR-NEERI)
व्याख्या: ग्रीन पटाखों का विकास वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CSIR-NEERI), नागपुर द्वारा किया गया है।
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